स्वागत, सोमवार, सितंबर 14, 2026 | 08:17 IST
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(i) नॉन-इनॉसेंट N4-समन्वयकारी तथा N-कन्फ्यूज्ड पोर्फिरिनोजेन लिगैंडों का अभिकल्प एवं संश्लेषण।
(ii) क्रोमियम एवं मैंगनीज-पोर्फिरिनोजेन कॉम्प्लेक्सों का उच्च उपज वाला दक्ष वन-पॉट संश्लेषण।
(iii) परिणामी यौगिकों के संरचनात्मक, विद्युत-रासायनिक एवं भौतिक गुणधर्मों का अभिलक्षणन।
(iv) रेडॉक्स-सक्रिय क्रोमियम एवं मैंगनीज धातु केंद्र के साथ समन्वय करने पर पोर्फिरिनोजेन किस प्रकार प्रभावित होता है: (a) समग्र इकाई के लिए कौन-कौन सी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ उपलब्ध हैं; (b) ठोस एवं विलयन अवस्थाओं में इसकी संरचनाएँ क्या हैं; (c) इसकी इलेक्ट्रॉनिक संरचनाएँ क्या हैं—इन बिंदुओं का गहन अध्ययन किया जाएगा।
(v) कॉम्प्लेक्सों की अनुक्रियाशीलता: क्या वे बहु-इलेक्ट्रॉन अभिकर्मक के रूप में व्यवहार कर सकते हैं तथा क्या वे एकल-इलेक्ट्रॉन अंतरण की अपेक्षा बहु-इलेक्ट्रॉन मार्गों के प्रति चयनात्मक हो सकते हैं?
(vi) O2 एवं NO जैसे लघु अणुओं के सक्रियण के प्रति कॉम्प्लेक्सों की अभिक्रियाशीलता का अध्ययन।





