সিএসআইআর - সেন্ট্রাল মেকানিক্যাল ইঞ্জিনিয়ারিং রিসার্চ ইনস্টিটিউট, বিজ্ঞান ও প্রযুক্তি মন্ত্রণালয়, ভারত সরকারसीएसआईआर - केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार CSIR - Central Mechanical Engineering Research Institute, Ministry of S&T, Govt. of India
सीएसआईआर-एएमपीआरआई, भोपाल एवं सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर ने संस्थान के राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान के दौरान किसान-केंद्रित नवाचार के लिए दूरदर्शी कार्य-रोडमैप साझा किया।
पश्चिम बंगाल सरकार की माननीय मंत्री श्रीमती अग्निमित्रा पॉल ने उन्नत शहरी स्वच्छता प्रौद्योगिकियों का अवलोकन करने हेतु सीएसआईआर-सीएमईआरआई का दौरा किया।
कोविड-19 के प्रकोप के कारण गंभीर रोगियों की अत्यधिक संख्या से निपटने के लिए देश की स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थीं। आवश्यकता-आधारित अनुसंधान एवं विकास को प्रौद्योगिकी में रूपांतरित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, सीएसआईआर-सीएमईआरआई ने इस तत्काल आवश्यकता के लिए त्वरित एवं स्वदेशी समाधान प्रदान करने हेतु यांत्रिक वेंटिलेटर विकसित किए।
सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित यांत्रिक वेंटिलेटर का प्रथम संस्करण (उपकरण-I) अस्थायी अस्पतालों एवं आइसोलेशन वार्डों के लिए विकसित किया गया था। इसमें एक बेलनाकार बेलो का उपयोग किया गया है, जो यांत्रिक संपीड़न के माध्यम से बैग वाल्व मास्क (बीवीएम) अथवा एम्बू बैग की तुलना में टाइडल वॉल्यूम को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है। यह बड़ी संख्या में बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पतालों के लिए उपयुक्त है। यह तंत्र 70 सेमी H2O तक के पीक इंस्पिरेटरी एयरवे प्रेशर (पीआईपी) को संभालने में सक्षम है।
सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित यांत्रिक वेंटिलेटर का दूसरा संस्करण (उपकरण-II) अस्पतालों में उपलब्ध पाइपलाइनों से ऑक्सीजन ग्रहण करता है अथवा इसे मेडिकल एयर कंप्रेसर/ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ जोड़ा जा सकता है। यह आईसीयू के लिए अधिक कार्यक्षमता तथा कम लागत वाला वेंटिलेटर समाधान प्रदान करता है।
बाद में अंतरराष्ट्रीय ख्याति की विभिन्न शोध पत्रिकाओं से यह ज्ञात हुआ कि उच्च प्रवाह ऑक्सीजन थेरेपी अधिक बेहतर परिणाम प्रदान कर रही है। अतः सीएसआईआर-सीएमईआरआई ने अपने अनुसंधान एवं विकास की दिशा को एकीकृत ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली युक्त किफायती यांत्रिक वेंटिलेटर (उपकरण-III) के विकास की ओर केंद्रित किया। सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित वेंटिलेटर में इस प्रणाली के समावेशन से इसकी पोर्टेबिलिटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा विभिन्न प्रकार की गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों में इसका उपयोग सुगम हुआ है। यह विशेष रूप से रोग के प्रारंभिक चरण के रोगियों के लिए उपयोगी है तथा सक्षम चिकित्सा सहायता कर्मियों की देखरेख में एक प्रभावी चिकित्सीय उपकरण सिद्ध हो सकता है।
गंभीर रूप से बीमार रोगियों को प्रभावी चिकित्सा प्रदान करने के लिए वास्तविक समय में आकलन किया जाने वाला एक अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण मानदंड व्यक्ति के ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर का मापन है। तीसरा संस्करण अर्थात एकीकृत ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली एवं SpO2 मापन सेंसर युक्त उन्नत बहु-कार्यात्मक वेंटिलेटर रक्त में ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर को वास्तविक समय में प्रदर्शित करता है और इस प्रकार किसी व्यक्ति की चिकित्सीय हस्तक्षेप संबंधी आवश्यकताओं का समग्र चित्र प्रस्तुत करता है। यांत्रिक वेंटिलेटर का यह संस्करण गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए गैर-आक्रामक ऑक्सीजन थेरेपी के एक प्रभावी विकल्प के रूप में कार्य करता है।
हालांकि, तीन अलग-अलग कार्यात्मकताओं को एक सामान्य वेंटिलेटर के समान आकार वाली एकल प्रणाली में एकीकृत करना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। उच्च नासिका प्रवाह प्रणाली के लिए कम से कम 40 एलपीएम संवर्धित ऑक्सीजन प्रवाह की आवश्यकता होती है, जबकि ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली को अपने आउटपुट की तुलना में कम से कम 8-10 गुना वायु इनपुट की आवश्यकता होती है। साथ ही, प्रणाली की संपीड़ित वायु उत्पादन इकाई अत्यधिक भारी एवं शोरयुक्त नहीं हो सकती, क्योंकि इससे अस्पतालों में इसके उपयोग का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होगा। अतः आवश्यकता, आकार (एर्गोनॉमिक्स सहित) तथा लागत के बीच उचित संतुलन प्रदान करने के लिए प्रणाली की विशिष्टताओं एवं अभिकल्पन को अनुकूलित किया गया है।
सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित ये यांत्रिक वेंटिलेटर अत्यधिक लागत पर आयात किए जाने वाले यांत्रिक वेंटिलेटरों का एक किफायती वैकल्पिक समाधान हैं। इन वेंटिलेटरों का स्वदेशी विकास लघु उद्योगों के व्यापक वर्ग को भी सहायता प्रदान करेगा, क्योंकि किफायती वेंटिलेटरों की बढ़ती मांग रोजगार सृजन तथा देशभर में चिकित्सा उपकरण विनिर्माण परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।
विभिन्न यांत्रिक वेंटिलेटरों की विस्तृत विशिष्टताएं नीचे विपरीत कालानुक्रमिक क्रम में दी गई हैं।
उपकरण-III: एकीकृत ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली युक्त यांत्रिक वेंटिलेटर
महामारी के दौरान अस्पतालों को बड़ी संख्या में देखभाल की आवश्यकता वाले रोगियों के लिए ऑक्सीजन युक्त आईसीयू बिस्तरों, वेंटिलेटरों तथा अन्य संबंधित उपकरणों की गंभीर कमी का सामना करना पड़ता है। उचित आकलन के आधार पर इन सुविधाओं का उपयोग गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए किया जाना आवश्यक है। उचित स्क्रीनिंग व्यवस्था के अभाव में अस्पताल किसी भी विवाद से बचने के लिए सामान्यतः घटते SpO2 स्तर (88% से कम) वाले रोगियों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आईसीयू बिस्तर आवंटित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जिसमें वास्तव में इन संसाधनों की आवश्यकता वाले रोगी को आईसीयू बिस्तर उपलब्ध न होने के कारण भर्ती नहीं किया जा सके।
कोविड-19 रोगियों से संबंधित नई जानकारियों एवं परिणामों से यह ज्ञात होने के बाद कि अधिकांश रोगियों को वेंटिलेशन की आवश्यकता के बिना केवल ऑक्सीजन थेरेपी द्वारा ठीक किया जा सकता है, सीएसआईआर-सीएमईआरआई ने अपने अनुसंधान को एकीकृत ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली युक्त उन्नत बहु-कार्यात्मक वेंटिलेटर के विकास की ओर केंद्रित किया। यह सामान्य तथा नासिका उच्च प्रवाह (एनएचएफ) ऑक्सीजन थेरेपी दोनों प्रदान करने में सक्षम है। यह प्रणाली अस्पताल से ऑक्सीजन लेने के बजाय स्वयं ऑक्सीजन उत्पन्न करने में सक्षम है तथा इसमें अंतर्निर्मित SpO2 मापन सेंसर है, जो रोगी के रक्त में ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर को वास्तविक समय में प्रदर्शित करता है।
वर्तमान नवाचार को नीचे दिए गए फ्लो-चार्ट में दर्शाए गए सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए अनुकूलित किया गया है। यदि इन प्रक्रियाओं के बाद भी SpO2 स्तर 90% से अधिक नहीं बढ़ता है, तो संबंधित रोगी को आईसीयू में स्थानांतरित किया जा सकता है।
विशिष्टताएं:
थेरेपी के प्रकार: आक्रामक वेंटिलेशन, गैर-आक्रामक वेंटिलेशन, मानक तथा नासिका उच्च प्रवाह (एनएचएफ) O2 थेरेपी
मानक O2 थेरेपी: 21-70% FiO2 पर 2-5 लीटर/मिनट का सतत प्रवाह
नासिका उच्च प्रवाह (एनएचएफ) O2 थेरेपी*: 21-80% FiO2 पर 2-40 लीटर/मिनट का सतत प्रवाह (*5 लीटर/मिनट पर अधिकतम O2 सांद्रता 80% तथा 40 लीटर/मिनट पर 30%)
अंतःश्वसन : उच्छ्वसन अनुपात (I:E): 1:0.3 - 1:4 (किसी भी अनुपात में समायोज्य)
श्वसन दर (बीपीएम): 2 की वृद्धि में 10-40 श्वास प्रति मिनट
टाइडल वॉल्यूम: 50 के चरणों में 150 मिलीलीटर-800 मिलीलीटर
O2 सांद्रता (FiO2): 21-80% (अंतर्निर्मित ऑक्सीजन संवर्धन प्रणाली), बाह्य O2 आपूर्ति के साथ 100% तक
SpO2: रोगी की ऑक्सीजन संतृप्ति वास्तविक समय में प्रदर्शित
अलार्म: मानक एवं अनुकूलन योग्य अलार्म
यांत्रिक फेल-सेफ वाल्व (विद्युत/इलेक्ट्रॉनिक विफलता की स्थिति में): 80 सेमी H2O पर खुलता है; 2 सेमी H2O पर खुलता है (एंटी-एस्फिक्सिया वाल्व)
इस विकास के पीछे मूल उद्देश्य प्रौद्योगिकी की लागत में उल्लेखनीय कमी लाना तथा यथासंभव अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग करना है। इसके परिणामस्वरूप ऐसा उत्पाद विकसित हुआ है, जिसकी कई प्रणालियां किसी अस्पताल द्वारा एक अधिक उन्नत उपकरण की लागत के बराबर मूल्य पर खरीदी जा सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश अस्पताल ऑक्सीजन तथा 'मेडिकल एयर' की आपूर्ति के लिए गैस पाइपलाइन बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। विकल्प के रूप में ऑक्सीजन सिलेंडर भी प्रायः उपलब्ध नहीं होते। वर्तमान नवाचार वायुमंडलीय वायु में ऑक्सीजन के स्तर को संवर्धित करने में सक्षम है तथा इसके लिए किसी गैस पाइपलाइन अथवा ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता नहीं होती। यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जो इस नवाचार को उन अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों एवं नर्सिंग होमों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है, जहां उच्च प्रारंभिक निवेश के कारण गैस पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है। इस नवाचार का आकार एवं भार ऐसा है कि इसकी अनेक प्रणालियों को दूरस्थ क्षेत्रों में आसानी से पहुंचाया जा सकता है और उन लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सकती है, जिन्हें अन्यथा दूरस्थ शहरों की यात्रा किए बिना ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकतीं।
उपकरण-II: दाब एवं आयतन दोनों समर्थन वाला यांत्रिक वेंटिलेटर
इस वेंटिलेटर को मेडिकल एयर एवं ऑक्सीजन पाइपलाइन वाले अस्पतालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया था। पाइपलाइन उपलब्ध न होने की स्थिति में इस प्रणाली को किसी भी मेडिकल-ग्रेड कंप्रेसर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर से जोड़ा जा सकता है। यह उपकरण निष्क्रिय तथा सक्रिय दोनों प्रकार के रोगियों के लिए उपयुक्त है और आयतन एवं दाब दोनों का समर्थन करता है।
विशिष्टताएं:
उपलब्ध मोड: VC-AC, PC-AC, VC-SIMV, PC-SIMV
पीआईपी: 20-70 सेमी H2O (1 के चरणों में समायोज्य)
पीईईपी: 0-20 सेमी H2O (1 के चरणों में समायोज्य)
अंतःश्वसन : उच्छ्वसन अनुपात (I:E): 1:0.3 - 1:4 (किसी भी अनुपात में समायोज्य)
श्वसन दर (बीपीएम): 2 की वृद्धि में 10-40 श्वास प्रति मिनट
टाइडल वॉल्यूम: 50 के चरणों में 150 मिलीलीटर-800 मिलीलीटर
FiO2: 21-100%;
SpO2: रोगी की ऑक्सीजन संतृप्ति वास्तविक समय में प्रदर्शित
अलार्म: मानक अलार्म
यांत्रिक फेल-सेफ वाल्व (विद्युत/इलेक्ट्रॉनिक विफलता की स्थिति में):
यह यांत्रिक वेंटिलेटर पंजीकृत चिकित्सा पेशेवरों से प्राप्त अनेक प्रतिक्रियाओं के आधार पर विकसित किया गया, क्योंकि वेंटिलेटर की उचित कार्यप्रणाली एवं उपयोग की व्यापक समझ आवश्यक थी। इसके प्रमाणस्वरूप, एक अस्पताल (मैसर्स विवेकानंद हॉस्पिटल प्रा. लिमिटेड, दुर्गापुर) ने प्रमाणित किया है कि यह प्रणाली आपातकालीन विभाग, परिवहन के दौरान, फील्ड प्रबंधन तथा गहन चिकित्सा इकाइयों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य अस्पताल (मैसर्स हेल्थ वर्ल्ड हॉस्पिटल्स, दुर्गापुर) के चिकित्सा पेशेवरों की टीम ने सीएसआईआर-सीएमईआरआई के स्वदेशी यांत्रिक वेंटिलेटर की अत्यधिक सराहना की तथा इसे आपातकालीन विभागों, गहन चिकित्सा इकाइयों और अस्पताल से बाहर परिवहन/फील्ड प्रबंधन के दौरान उपयोग के लिए उपयुक्त बताया।
वर्तमान महामारी ने प्राधिकारियों को कोविड-19 प्रभावित रोगियों के लिए अस्थायी क्वारंटाइन/आइसोलेशन वार्ड विकसित करने के लिए बाध्य किया है। ऐसे आइसोलेशन वार्डों, छोटे क्लीनिकों तथा नर्सिंग होमों में विकसित यांत्रिक वेंटिलेटर अत्यंत उपयोगी हैं और एक किफायती समाधान प्रदान करते हैं। उपयुक्त औषधियों तथा नर्सिंग/चिकित्सा सहायता कर्मियों के समय पर हस्तक्षेप के साथ ये यांत्रिक वेंटिलेटर गंभीर रोगी के जीवन और मृत्यु के बीच एक महत्वपूर्ण निर्णायक कारक सिद्ध हो सकते हैं। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम यांत्रिक वेंटिलेटरों के उत्पादन तथा रखरखाव में रुचि ले सकते हैं। इस प्रकार की आवश्यक एवं जीवनरक्षक उप-प्रणाली के लिए सरल वित्तपोषण की संभावना भी है। अस्थायी अस्पतालों एवं आपातकालीन वार्डों के लिए विकसित बेसिक वेंटिलेटर की व्यापक विशिष्टताएं निम्नलिखित हैं:
विशिष्टताएं:
क्लोज्ड लूप में दाब एवं प्रवाह सेंसरों के साथ एक माइक्रोकंट्रोलर:
(a) मॉनिटर पर समय के साथ दाब, आयतन एवं प्रवाह की निरंतर निगरानी एवं प्रदर्शन
(b) जीयूआई के माध्यम से टाइडल वॉल्यूम, बीपीएम, I:E अनुपात, पीईईपी एवं पीआईपी जैसे मानदंडों को संचालन के दौरान निर्धारित किया जा सकता है
(c) विभिन्न निर्धारित सीमाओं के लिए अलार्म
यांत्रिक फेल-सेफ वाल्व: विद्युत/इलेक्ट्रॉनिक विफलता की स्थिति में 80 सेमी H2O पर खुलता है
पीआईपी: 40-70 सेमी H2O, 5 सेमी H2O के चरणों में समायोज्य
पीईईपी: 5-20 सेमी H2O, 5 सेमी H2O के चरणों में समायोज्य